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Mangal Dosh Puja

मंगल दोष एक ज्योतिषीय दोष है जो जन्मकुंडली में मंगल ग्रह के विशेष स्थानों (1, 4, 7, 8, 12) पर बैठने से उत्पन्न होता है। मंगल दोष के प्रभाव के बारे में विशेष विचार किया जाता है, और इसका प्रभाव...

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महामृत्युंजय जाप

महामृत्युंजय मंत्र, जिसे “महामृत्युंजय जप” भी कहा जाता है, एक बहुत शक्तिशाली और दिव्य मंत्र है। यह मंत्र विशेष रूप से जीवन के संकटों, बीमारियों, और मृत्यु के डर से मुक्ति पाने के लिए जपा जाता है। इसे “मृत्युंजय मंत्र”...

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रूद्र दोष

रूद्र दोष एक ज्योतिषीय दोष है, जो किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु की दुष्प्रभावी स्थिति के कारण उत्पन्न हो सकता है। इसे शांत करने के लिए भगवान शिव की पूजा और रुद्राभिषेक किया जाता है।

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मूर्ति प्रतिष्ठा

परिचय मूर्ति प्रतिष्ठा एक धार्मिक और संस्कृतियों से जुड़ी प्रथा है, जिसमें किसी देवता की मूर्ति को पवित्र स्थान पर स्थापित करने की विधि को “प्रतिष्ठा” कहा जाता है। यह एक आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जिसे मंदिरों में, घरों में या...

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विवाह संस्कार

परिचय विवाह संस्कार भारतीय संस्कृति में एक प्रमुख संस्कार है, जो जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ में से एक है। यह न केवल दो व्यक्तियों के मिलन का उत्सव होता है, बल्कि यह सामाजिक, धार्मिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत...

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रुद्राभिषेक

हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक भगवान शिव का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण होती हैं। भगवान शिव को शुक्लयजुर्वेद अत्यन्त प्रिय है कहा भी गया है वेदः शिवः शिवो वेदः। इसी कारण ऋषियों ने शुकलयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी से रुद्राभिषेक...

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काल सर्प दोष

सामान्यतः जन्म कुंडली के बाकी सात ग्रह राहु और केतु के मध्य स्थित हो जाते हैं तो उस स्थिति को "कालसर्पयोग" कहते हैं। राहु सर्प का मुख माना गया है और केतु सर्प की पूँछ। काल का अर्थ है मृत्यु...